सब बीमारी का एक इलाज
250 ग्राम मैथीदाना
100 ग्राम अजवाईन
50 ग्राम काली जीरी
.... .... ... ..... ..... उपरोक्त तीनो चीजों को साफ-सुथरा करके हल्का-हल्का सेंकना(ज्यादा सेंकना नहीं) तीनों को अच्छी तरह मिक्स करके मिक्सर में पावडर बनाकर डिब्बा-शीशी या बरनी में भर लेवें ।
रात्रि को सोते समय 1चम्मच पावडर एक गिलास पूरा कुन-कुना पानी के साथ लेना है।
गरम पानी के साथ ही लेना अत्यंत आवश्यक है लेने के बाद कुछ भी खाना पीना नहीं है।
यह चूर्ण सभी उम्र के व्यक्ति ले सकतें है।
चूर्ण रोज-रोज लेने से शरीर के कोने-कोने में जमा पडी गंदगी(कचरा),.. मल और पेशाब द्वारा बाहर निकल जाएगी ।
पूरा फायदा तो 80-90 दिन में महसूस करेगें, जब फालतू चरबी गल जाएगी, नया शुद्ध खून का संचार होगा । चमड़ी की झुर्रियाॅ अपने आप दूर हो जाएगी। शरीर तेजस्वी, स्फूर्तिवाला व सुंदर बन जायेगा ।
‘‘फायदे’’
1. गठिया दूर होगा और गठिया जैसा जिद्दी रोग दूर हो जायेगा ।
2. हड्डियाँ मजबूत होगी ।
3. आॅख का तेज बढ़ेगा ।
4. बालों का विकास होगा।
5. पुरानी कब्जियत से हमेशा के लिए मुक्ति।
6. शरीर में खुन दौड़ने लगेगा ।
7. कफ से मुक्ति ।
8. हृदय की कार्य क्षमता बढ़ेगी ।
9. थकान नहीं रहेगी, घोड़े की तहर दौड़ते जाएगें।
10. स्मरण शक्ति बढ़ेगी ।
11. स्त्री का शरीर शादी के बाद बेडोल की जगह सुंदर बनेगा ।
12. कान का बहरापन दूर होगा ।
13. भूतकाल में जो एलाॅपेथी दवा के साईड इफेक्ट से मुक्त होगें।
14. खून में सफाई और शुद्धता बढ़ेगी ।
15. शरीर की सभी खून की नलिकाएॅ शुद्ध हो जाएगी ।
16. दांत मजबूत बनेगा, इनेमल जींवत रहेगा ।
17. नपुसंकता दूर होगी।
18. डायबिटिज काबू में रहेगी, डायबिटीज की जो दवा लेते है वह चालू रखना है। इस चूर्ण का असर दो माह लेने के बाद से दिखने लगेगा ।
जीवन निरोग,आनंददायक, चिंता रहित स्फूर्ति दायक और आयुष्ययवर्धक बनेगा ।
जीवन जीने योग्य बनेगा ।
Yog is the life style, It is every where in our life. Yog touches our body and mind. Now people not care there body so they are losing there energy frequently. Yog regenerate your energy and gives you power either mentally or physically. I am the Yog Trainer and counselor lives in Surat Gujrat in your service.
Saturday, 9 December 2017
सब बीमारी का एक इलाज
Friday, 8 December 2017
उक्त रक्तचाप के उपचार..High B.P.
♦उक्त रक्तचाप के उपचार♦High B.P.
👉🌹रक्तचाप जिसे हाईपरटेंशन भी कहते हैं एक बहुत ही गंभीर और भयंकर रोग है क्योंकि अगर रोगी को सही समय पर सही चिकित्सीय मदद नहीं मिलती तो इससे हार्ट अटैक, ब्रेन हैंमरेज, वगैरह भी होने की संभावना रहती है।उच्च-रक्तचाप वह रोग है जिसमें हृदय के संकुचन की अवस्था में रक्त वाहिकाओं में रक्त का दबाव पारे के 140 mm से ज्यादा या हृदय के विस्तारण की अवस्था में 90 mm से ज्यादा रहता है या दोनों अवस्थाओं में ज्यादा रहता है। इसकी वजह है शारीरिक गतिविधियों की कमी। मोटापा, तनाव, खाने पीने में लापरवाही, गंभीर बीमारियाँ, अनुवांशिक बीमारियाँ, धूम्रपान, नशा वगैरह वगैरह।
👉🌹उच्च रक्तचाप के मुख्य कारणों में से एक है आपके रक्त का गाढ़ा होना। रक्त गाढ़ा होने से उसका प्रवाह धीमा हो जाता है। जिससे नसों और धमनियों पर दबाव पड़ता है। लहसुन में बहुत हीं ताकतवर एंटीओक्सीडेनट्स , जैसे कि सेलेनियम, विटामिन सी और एलीसीन होते है, जो कि रक्त को पतला करने में काफी प्रभाव शाली होते हैं। इसीलिए सुबह सुबह कच्चे लहसुन के दो तीन कली के टुकड़े चबाने से या उसके महीन टुकड़े करके निगलने से काफी फायदा पहुँचता है।
👉🌹नमक ब्लड प्रेशर बढाने वाला प्रमुख कारक है, इसलिए हाई ब्लड प्रेशर वालों को नमक का प्रयोग कम करना चाहिए।
🌹👉एक चम्मच आंवले का रस और एक ही चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम लेने से हाई ब्लड प्रेशर में बहुत लाभ होता है।
👉🌹हाई ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए पपीता भी बहुत लाभकारी है, इसे खाली पेट चबा_चबा कर खाना चाहिए ।
👉🌹तरबूज के बीज तथा खसखस को अलग अलग पीसकर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें। प्रतिदिन खाली पेट एक चम्मच पानी के साथ लें।
🌹👉गाजर और पालक का रस मिलाकर एक गिलास सुबह-शाम पीने से लाभ मिलता है।
🌹👉हाई ब्लड प्रेशर को जल्दी कंट्रोल करने के लिये आधा गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़कर 2-2 घंटे के अंतर से पीना चाहिए।
🌹👉करेला और सहजन की फ़ली का नित्य सेवन उच्च रक्त चाप में परम हितकारी हैं।
🌹👉सौंफ़, जीरा, शक्कर तीनों को बराबर लेकर पाउडर बना लें। इसे एक चम्मच एक गिलास पानी में घोलकर सुबह-शाम पीने से लाभ होता है।
🌹👉हाई ब्लड प्रैशर में पांच तुलसी के पत्ते तथा दो नीम की पत्तियों को पीसकर 20 ग्राम पानी में घोलकर खाली पेट सुबह पिएं।
🌹👉बिना आटे से चोकर निकाले गेहूं व चने के आटे को बराबर मात्रा में लेकर बनाई गई रोटी खूब चबा-चबाकर खानी चाहिए ।
🌹👉पाँच ग्राम मेथीदाना पावडर द्रह दिनों तक सुबह-शाम पानी के साथ लें। इससे भी लाभ मिलता है।
🌹👉प्रतिदिन नंगे पैर हरी घास पर 10-15 मिनट जरूर चलें, इससे ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।
Thursday, 7 December 2017
आयुर्वेद के नियम
आयुर्वेद के इन नियमों को जीवन में अपनाएं और निरोगी रहें..
अगर आप इन नियमो का पालन पूरी ईमानदारी से अपनी ज़िंदगी मे करे तो मात्र कुछ नियम ही बीमारियाँ को आपकी ज़िंदगी से दूर रख सकते हैं ...
●सुबह के समय पानी पियें
सबसे पहले सुबह उठते ही हल्का गर्म 2 से 3 गिलास पानी पिये, बल्कि पानी हमेशा बैठ कर पिये और घूट घूट करके पिये, पानी को घूट घूट कर पीना इसलिए जरूरी है क्यूंकि सुबह की जो मुंह की लार है इसमे ओषधिए गुण बहुत है इसलिए ये लार पेट मे जानी चाहिए और वो तभी संभव है जब आप पानी बिलकुल घूट घूट कर मुंह मे घूमा कर पिएंगे, पानी पीने के बाद दूसरा काम पेट साफ करने का है और सुबह के समय शोचालय जरूर जाये क्यूंकि पेट का सही ढंग से साफ न होना अनगिनत बीमारियो की जड़ है |
खाने के बाद क्या करें और क्या न करें.
एक बात अवश्य ध्यान रखें कि खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना जहर पीने के बराबर है और हमेशा डेड़ घंटे बाद ही पानी पीएं . खाना खाने के बाद अगर कुछ पी सकते हैं तो – छाछ (लस्सी)
सुबह खाने के बाद अगर कुछ पीना है तो हमेशा जूस पिये . बाद में दोपहर को दहीं खाये या लस्सी पिये और दूध हमेशा रात को पिये . कभी भी इन तीनों के क्रम को उल्टा पुलटा न करे . मतलब फल सुबह ही खाएं दोपहर से पहले, दहीं दोपहर को और दूध रात को।
रिफाइंड तेल की जगह गाय का शुद्ध घी या सरसों का तेल
विशेष तौर पर ध्यान रखें कि खाने के तेल मे भूल कर भी रिफाइंड तेल का प्रयोग न करे ( वो चाहे किसी भी कंपनी का क्यू न हो ) क्यूंकि ये सेहत के लिए बहुत ही घातक है . इसलिए मात्र सरसों के तेल का प्रयोग करे या देशी गाय के दूध का शुद्ध घी खाएं . याद रखें कि शुद्ध सरसों के तेल की पहचान है मुंह पर लगाते ही एक दम जलेगा और खाना बनाते समय आंखो मे हल्की जलन होगी .
चीनी, नमक और सेहत
अगर आप चीनी का प्रयोग कर रहे हैं तो तुरंत बंद कर दीजिये और केवल गुड खाना का प्रयोग करे या शक्कर खाये . चीनी बहुत बीमारियो की जड़ है और धीमे जहर समान है . नमक के लिए खाने मे हमेशा सेंधा नमक या काला नमक का ही प्रयोग करे और आयोडिन युक्त नमक कभी न खाएं .
सुबह का भोजन
सूर्य उदय होने के 2 से 3 घंटे तक सुबह का भोजन कर लीजिये क्यूंकि इस दौरान जठराग्नि सबसे तेज होती है . ये भी ध्यान रखें कि सुबह का खाना हमेशा भर पेट खाएं क्यूंकि सुबह के खाने मे पेट से ज्यादा मन संतुष्टि होना जरूरी है और इसलिए अपनी मनपसंद वस्तु सुबह खाएं . अगर खाने के तुरंत बाद आलस्य है तो ठीक 20 मिनट के लिए बायें लेट जाएँ और अगर शरीर मे आलस्य ज्यादा है तो 40 मिनट मगर इससे ज्यादा नहीं .
दोपहर और रात का भोजन
दोपहर को खाना खाने के बाद भी 20 मिनट के लिए बायें लेट सकते हैं और अगर शरीर मे आलस्य ज्यादा है तो 40 मिनट मगर इससे ज्यादा ठीक नहीं . वहीं रात को खाना खाने के तुरंत बाद नहीं सोना और खाने के बाद बाहर सैर करने जाएँ ( कम से कम 500 कदम ) और रात को खाना खाने के कम से कम 2 घंटे बाद ही सोएँ . अगर आस्तिक हैं तो एक नियम और माने (ब्रह्मचारी है.. विवाह के बंधन मे नहीं बंधे ) तो हमेशा सिर पूर्व दिशा की और करके सोएँ . ब्रह्मचारी नहीं है तो हमेशा सिर दक्षिण की तरफ करके सोएँ . उत्तर और पश्चिम की तरफ कभी सिर मत करके सोएँ .
मैदे से बनी खाने की चीज़ों का तुरंत त्याग करें..
सेहत के लिए मैदे से बनी चीजे पीज़ा, बर्गर, आदि न खाएं क्यूंकि ये सब मेदे को सड़ा कर बनती है और कब्ज का बहुत बड़ा कारण है . और पेट खराब होने से अनगिनत बीमारियाँ अपने आप आ जाती हैं .
तो इन सब नियमो का अगर पूरी ईमानदारी से प्रयोग करेंगे तो मात्र 1 से 2 महीने मे ऐसा लगेगा पूरी जिंदगी बदल गई है मोटापा कम हो जाएगा,
high BP, cholesterol सब level पर आना शुरू हो जाएगा, HDL बढ्ने लगेगा और भी बहुत से बदलाव आप देखेंगे ।
Wednesday, 6 December 2017
होठों का खुश्की
होठों का खुश्की से बचाव*
नाभि में रोजाना सरसों का तेल लगाने से होंठ नहीं फटते और फटे हुए होंठ मुलायम और सुन्दर हो जाते है।
साथ ही नेत्रों की खुजली और खुश्की दूर हो जाती है।
सरसों का तेल कनपटी में मलिए, कान में डालिए, नाक में सुड़किए, नाभि में लगाइए – इससे नेत्र-ज्योति तथा मस्तिष्क – शक्ति बढ़ती है। जुकाम कभी नहीं होता।
सर्दी के दिनों में प्रतिदिन सरसों का तेल नाभि पर लगाने से हाथ पांव भी नहीं फटते और हाथ पैरों की चमड़ी खुरदरी नहीं होती।
Tuesday, 5 December 2017
लौंग के फायदे
कई रोगों के उपचार में फायदेमंद है लौंग*
🔴किसी भी प्रकार की त्वचा संबंधी समस्या होने पर लौंग का प्रयोग किया जा सकता है। त्वचा रोग होने पर चंदन के बूरे के साथ लौंग का लेप लगाने से फायदा होता है।
🔴पेट में गैस होने पर एक कप उबलते हुए पानी में दो लौंग पीसकर डालें। उसके बाद पानी ठंडा होने के बाद पी लीजिए, पेट की गैस खत्म हो जाएगी।
🔴दांतों में दर्द होने पर नींबू के रस में दो से तीन लौंग को घिसकर लगा लीजिए, दांत दर्द में राहत मिलेगी।
🔴लौंग को हल्का भूनकर चबाने से मुंह की दुर्गंध खत्म हो जाती है।
🔴मुंह में छाले होने पर
लौंग चबाने से फायदा होता है।
🔴लौंग पीसकर गर्म पानी के साथ खाने से जुकाम और बुखार ठीक होता है।
🔴गर्दन में दर्द या फिर गले में सूजन होने पर लौंग को सरसों के तेल के साथ मालिश करने पर दर्द खत्म हो जाता है।
🔴लौंग के सेवन से भूख बढ़ती है, इससे पाचक रसों का स्राव बढ़ता है।यदि पेट में कीड़े हैं तो खाने में लौंग का सेवन राहत देता है।
🔴लौंग को पीसकर मिश्री की चाशनी या शहद के साथ लेना भी लाभकारी है।
🔴लौंग खाने से शरीर में श्वेत रक्त कण बढ़ते हैं, जिससे शरीर मजबूत होता है।
🔴दमा रोग के इलाज में भी लौंग बहुत फायदेमंद है।
Monday, 4 December 2017
हरी धनिया
✅किडनी की सफ़ाई :
हमारी किडनी एक बेहतरीन फ़िल्टर हैं जो सालो से हमारे खून की गंदगी को साफ़ करने का काम करती हैं मगर हर फ़िल्टर की तरह इसको भी साफ़ करने की ज़रुरत हैं ताकि ये और भी अच्छा काम करे। एक मुट्ठी भर हरी पत्तियो वाला धनियाँ लीजिये इसको छोटे छोटे टुकड़ो में काट ले और अच्छी तरह धुलाई कर ले। फिर एक बर्तन में 1 लीटर पानी डाल कर इन टुकड़ो को डाल दे, 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दे, बस अब इसको छान ले और ठंडा होने दो अब इस ड्रिंक को हर रोज़ एक गिलास खाली पेट पिए। आप देखेंगे के आपके पेशाब के ज़रिये सारी गंदगी बाहर आ रही हैं।
🔴NOTE : - इसके साथ थोड़ी से अजवायन (धनिये के साथ) डाल ले तो सोने पे सुहागा हो जाए।
✅ब्लड प्रेशर करे नियंत्रित:
आजकल जिसे देखो वो इस समस्या से पीड़ित हैं, धनिये में मैग्नीशियम, कैल्शियम, मैंगनीज़ और आयरन जैसे तत्व पाए जाते हैं जो इसे ऐसा जूस बनाते हैं जिसका सेवन सुबह के समय करना अच्छा होता है इसके अलावा इसमें पोटैशियम अधिक मात्रा में तथा सोडियम कम मात्रा में पाया जाता है जो दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करते हैं इससे अपने ही बहुत सारे फायदे होते है. आप धनिये की ताज़ी पत्तियों का जूस निकाल सकते हैं और स्वाद के लिए उसमें ऑलिव ऑइल या बादाम मिला सकते हैं.
✅अच्छी नींद: (अनिद्रा से राहत)
आजकल अच्छी नींद भी बिलकुल सोने की तरह हो गयी हैं जो बहुत मुश्किल से मिलती हैं इसका मुख्य कारण है तनाव वा दिनभर का स्ट्रेस . कई लोगों को नींद ना आने की समस्या होती है जिसके कारण उनके जीवन में बहुत सारी परेशानिया आती है. रात को सोने से पहले एक गिलास धनिये का जूस पीने से आपको आराम महसूस होता है और बिना किसी दवा का सेवन किये आपको अच्छी नींद आती है और यह प्राकृतिक रूप से इसमें कुछ सेडेटिव तत्व होते हैं जो एंटीएंग्जायटी दवा की तरह काम करते हैं
✅पाचन में लाभ:
धनिये की पत्तियों के जूस से होने वाला एक अन्य लाभ यह है कि यह आपके पाचन तंत्र को ठीक तरह से काम करने में सहायता प्रदान करता है यदि आप पेट फूलना, वमनशील पेट, हार्ट बर्न या अपच जैसी समस्या से परेशान हैं तो यह जूस आपके लिए बहुत लाभदायक है धनिये के पत्तों का रस पीने से आप गर्म और मसालेदार खाना खा सकते हैं क्योंकि यह कूलिंग एजेंट के तरह काम करता है.
✅डिटॉक्सीफाई करता है:
इसमें प्राकृतिक एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, अत: यह शरीर को डिटॉक्सीफाई करता है और शरीर को कई प्रकार के संक्रमणों से बचाता है शरीर का डेटोक्स होना बहुत ज़रूरी हैं इसीलिए प्रतिदिन धनिये का जूस पीने से आप पानी और खाद्य पदार्थों से होने वाली बीमारियों से बच सकते हैं.
✅हड्डियों की मज़बूती के लिए:
अगर आपकी हड्डियां कमज़ोर हैं तो आप एक गिलास धनिये के पत्तों का रस हड्डियों को मज़बूती प्रदान करता है क्योंकि इसमें कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. इसमें कुछ खनिज पाए जाते हैं जो हड्डियों की सघनता बढ़ाता है और हड्डियों को मज़बूत बनाता है, इसके अलावा यह हड्डी टूटने पर उसे जोड़ने में भी सहायक होता है इसका सेवन आपकी हड्डियों को मजबूती देगा।
✅हृदय को लाभ:
जी हाँ, हृदय को स्वस्थ बनाने के लिए धनिये का जूस बहुत उपयोगी है धनिये में एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो ख़राब कोलेस्ट्रोल को कम करते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रोल को बढ़ाते हैं जिससे आपका हृदय ठीक तरह से काम कर पाता है.
✅एंटी-डाइबिटीक गुण:
धनिये को एंटी-डाइबिटीक हर्ब कहा जाता है. अपने प्राकृतिक घटकों के कारण धनिये की पत्तियों के रस में ब्लड शुगर को नियंत्रित और स्थिर रखने का गुण होता है यह डाइबिटीज़ के मारीजों के लिए यह जूस बहुत उपयोगी है।
✅त्वचा की समस्याओं को दूर करे:
धनिये के जूस में एंटीसेप्टिक, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो आपकी त्वचा को लगभग सभी बीमारियों से बचाते हैं यह एक्जिमा, शुष्क त्वचा या अन्य फंगल संक्रमणों से ग्रसित व्यक्तियों को इस रस का सेवन अवश्य करना चाहिए.
आजकल अच्छी नींद भी बिलकुल सोने की तरह हो गयी हैं जो बहुत मुश्किल से मिलती हैं इसका मुख्य कारण है तनाव वा दिनभर का स्ट्रेस . कई लोगों को नींद नाआने की समस्या होती है जिसके कारण उनके जीवन में बहुत साड़ी परेशानिया आती है. रात को सोने से पहले एक गिलास धनिये का जूस पीने से आपको आराम महसूस होता है और बिना किसी दवा का सेवन किये आपको अच्छी नींद आती है और यह प्राकृतिक रूप से इसमें कुछ सेडेटिव तत्व होते हैं जो एंटीएंग्जायटी दवा की तरह काम करते हैं।
Saturday, 2 December 2017
*योग विषय में व्याप्त भ्रान्तियां और समाधान
*योग विषय में व्याप्त भ्रान्तियां और उनका समाधान-
*१.प्रश्न - मैं तो स्वस्थ्य हूँ, मुझे योग की क्या आवश्यकता ?*
उत्तर - योग कोई इलाज नही कि इसे बीमार व्यक्ति ही अपनाये। योग तो खुशमयी जीवन जीने की कला है।और ईश्वर कृपा से यदि आज हम स्वस्थ है तो भविष्य में भी स्वस्थ्य बने रहने हेतु योग अपनाना आवश्यक है, क्योंकि उम्र के साथ बीमारियाँ अक्सर आती ही है।
*२.प्रश्न - युवाओं की भ्रान्ति कि योग बहुत धीमी गति से होता है इसलिए बोरियत भरा है?*
उत्तर - वर्तमान युग की समस्या ही तो गति है। हर मनुष्य भागा जा रहा है भौतिकतावाद की और, विलासिता की और, चकाचौंन्ध की और। और बदले में पा रहा है अनेको बीमारियाँ।
योग तो आनन्द की और ले जाने वाली राह है। सही तरीके से सिखाये गए योग से कभी बोरियत नही हो सकती है और हर अच्छी दवा कड़वी होती है।
*३.प्रश्न - बुजुर्गों की भ्रान्ति की हम तो वृद्ध हो गए है इसलिए नही कर सकते है?*
उत्तर - योग की यही तो विशेषता है कि योग बच्चे,बूढ़े, स्त्री, पुरुष, युवा, स्वस्थ्य, बीमार हर व्यक्ति कर सकता है। योग टीचर का कार्य है कि व्यक्तिगत आवश्यकतानुसार कराएं।
*४.प्रश्न - सबसे बड़ा प्रश्न की क्या योग से वजन कम होगा?*
उत्तर - योग से निश्चिन्त तौर पर एवं स्थायी तौर पर वजन कम होता है। अधिक वजन एवं मोटापे के कारणों को जानकर विशेष रूप से कराये गए आसनों, प्राणायाम से स्थायी तौर पर वजन कम होकर मोटापा दूर होकर शक्ति, स्फूर्ति में असीम वृद्धि होती है। योग मनुष्य के शारीरिक फिगर को बैलेंस में लाता है, इससे मोटा व्यक्ति दुबला और दुबला व्यक्ति मोटा होता है।
*५.प्रश्न - मैं तो हले से स्लिम हूँ, मुझे योग की क्या आवश्यकता ?*
उत्तर - स्लिम होना भर स्वस्थ्य होने की ग्यारंटी नही है। और न ही योग सिर्फ कोई दुबले या स्लिम होने की दवा है। योग तो स्वस्थ और खुशहाल रहने की जीवनशैली है। और स्लिम व्यक्तियों में भी अनेको बीमारियाँ हो सकती है।
*६.प्रश्न - दिनभर में मैं इतना कार्य कर लेता/ लेती हूं है कि मुझे योग की कोई आवश्यकता ही नही?*
उत्तर - हमारे रूटीन वर्क का प्रभाव हमारे शरीर के सभी बाह्य और आंतरिक अंगों पर आ ही नही सकता। योग में चार अवस्थाओं में किये जाने वाले विभिन्न आसनो का शरीर के सारे बाह्य और आंतरिक अंगों पर बहुत ही सकारात्मक प्रभाव पड़ता है उनकी मसाज होती है, रक्त संचार प्रॉपर होता है जो मनुष्य के अच्छे स्वास्थ्य के लिए अतिआवश्यक है।
*७.प्रश्न - आज मुझे बहुत थकान हो रही है अतः आज मुझे योगाभ्यास नही करना है?*
उत्तर - थकान होने पर या ज्यादा हार्डवर्क करने पर आई हुई थकान तो योगासन, प्राणायाम और ध्यान से पूरी तरह दूर हो जाती है। सारे अंगों, जोड़ों, मसल्स, लिगामेंट्स नस नाड़ियों पर आसनो से आयी हुई स्ट्रेचिंग, तनाव, दबाव से रिलैक्स होकर व्यक्ति तरोताज़ा हो जाता है। अतः थकान के दौरान अवश्य योग साधना करना चाहिए।
*८.प्रश्न - बीमारी के दौरान योग नही करना है?*
उत्तर - केवल जीर्ण यानि क्रोनिक रोगों को छोड़कर बीमारी के दौरान योग प्रैक्टिस करने से बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। एक कुशल योग टीचर बीमारी के अनुसार ही योग प्रैक्टिस करायेगा।
*९.प्रश्न - एलोपैथी इलाज ही स्वस्थ्य होने की ग्यारंटी है?*
उत्तर - एडवांस स्टेज का कैंसर, क्रोनिक रोग, बाहरी रोग का आक्रमण, लिवर का पूरी तरह खराब हो जाना आदि कुछेक बीमारियों को छोड़कर समस्त बीमारियों को स्थायी तौर पर योग के माध्यम से ठीक किया जा सकता है।
डाईबिटिज, हाईपेरटेंशन जैसी बीमारियों को नियमित योग एवं जीवनशैली से जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
*१०.प्रश्न - गर्भधारण हो जाने पर योग बन्द कर देना चाहिए?*
उत्तर - गर्भावस्था के दौरान तो योग अत्यंत सहायक* होता है। कुशल योग एक्सपर्ट के मार्गदर्शन में विशेष आसनों, प्राणायाम और ध्यान के द्वारा पूरे गर्भावस्था के दौरान महिला पूरी तरह शारीरिक और मानसिक स्तर पर स्वयं तो स्वस्थ्य रह ही सकती है साथ ही आने वाली सन्तान भी स्वस्थ होगी और नॉर्मल डिलेवरी के भी पुरे चान्सेस हो जाते है।
*११.प्रश्न - योग नही अपनाने का दुनिया भर का सबसे बड़ा कारण, मेरे पास समय ही नही है?*
उत्तर - *"पहला सुख, निरोगी काया"* जीवन के सारे सुख स्वस्थ्य रहने पर ही भोगे जा सकते है। यदि प्रतिदिन एक घण्टे योगाभ्यास कर लिया जाये तो बचे २३ घण्टों में ३६ घण्टों की ऊर्जा पायी जा सकती है। कितनी भी व्यस्तता हो, दुनिया मे कही भी हो योग अवश्य करें। एक घण्टा न तो कुछ देर ही करें।
*१२.प्रश्न - हम तो बाहर जा रहे है/ शादी में जा रहे है/ त्यौहार मना रहे है/ बच्चों की एग्जाम है/ घर में कुछ कार्य है?*
उत्तर - हमारी किसी भी तरह की व्यस्तता का सबसे पहला दुष्प्रभाव हमारे योग पर पड़ता है। हम सारे कार्य तो करेंगे पर योग सबसे पहले छोड़ेंगे।आप दुनिया में कही भी हो, कुछ भी कार्य हो कुछ समय "योग" के लिए अवश्य निकाले। आप शक्ति, स्फूर्ति और दुगुनी ऊर्जा से कार्य कर पाएंगे।
*१३.प्रश्न - योग हिन्दू धर्म का है इसलिए हमारे लिये नही है?*
उत्तर - हिन्दू धर्म कभी नही कहता की योग का अनुसरण सिर्फ हिंदू ही करेंगे। योग तो सम्पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन है। क्या सूर्य अपनी किरणे किसी धर्म विशेष के लोगों को ही प्रदान करता है? नही
इसी तरह योग अभ्यास करने वले को इसके पूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलेंगे।
*१४.प्रश्न - अभी तो मैं युवा हूँ मुझे योग की क्या आवश्यकता ?*
उत्तर - वर्तमान युग में भौतिकतावाद के पीछे भागने वालों में बड़ी संख्या युवाओं की ही है। दुष्परिणामस्वरूप युवा तनावग्रस्त होकर कम उम्र में ही अनेकोनेक शारीरिक और मानसिक बिमारियों से ग्रस्त हो रहे है जिसका सबसे उत्तम *निदान योग* में ही है।
*१५.प्रश्न - योग ही क्यों?*
उत्तर - स्वस्थ्य रहने हेतु अनेकों विधाएं है जैसे वाकिंग, जॉगिंग, रनिंग, साइकिलिंग, स्विमिंग, जिम्नेश्यिम, जुम्बा, एरोबिक्स आदि। इन सबमे योग का सर्वोच्च स्थान इसलिए है क्योंकि सिर्फ योग ही ऐसी विधा है जो शरीर, मन और आत्मा को एक ही ईकाई मानता है और शरीर से ज्यादा मन पर सकारात्मक प्रभाव देता है।
वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के अनुसार भी मनुष्य को होने वाली ९०% बीमारियाँ मनोकायिक है और योग ही एक ऐसी विधा है जो मन के विकारों को दूर करके उसे तनावमुक्त रख स्वस्थ्य बनाता है।
*१६.प्रश्न - शरीर के कुछ विभिन्न पोज़ बना लेना या शरीर को अलग अलग तरीके से तोड़ मरोड़कर आसन कर लेना ही योग है।*
उत्तर - जी नही, योग सिर्फ आसन ही नही वरन सम्पूर्ण लाइफ स्टाइल है। आसन तो योग का एक अंग है। योग सिर्फ एक घण्टे करने की विषय वस्तु न होकर हर पल योगी बने रह सकने की कला है। अपने मन, चित्त, विचारों, श्वसन आदि को नियंत्रण में रख सदा वर्तमान में जीना सिखाता है, योग।
Yoga & Health counselor