Yog is the life style, It is every where in our life. Yog touches our body and mind. Now people not care there body so they are losing there energy frequently. Yog regenerate your energy and gives you power either mentally or physically. I am the Yog Trainer and counselor lives in Surat Gujrat in your service.
Friday, 16 February 2018
Wednesday, 31 January 2018
दही के 25 चमत्कारिक उपाय !
दही के 25 चमत्कारिक उपाय !
1) 🕵🏻♂दही बालों के लिए एक बेहतरीन कंडीशनर है , दही बालों में जड़ से लगायें और 15-20 मिनट लगे रहने दें फिर बाल धुल लें . यह उपाय बालों की रूसी ,रूखापन दूर कर बालों को चमकदार और मुलायम बनाता है.
2) 🙆🏻♂बालो में अगर रूसी ज्यादा है तो दही में काली मिर्च पाउडर मिलाकर बालों की जड़ो में लगायें ,थोड़ी देर लगे रहने के बाद धो लें.
3) 👩🏻🎤दही में मुल्तानी मिटटी मिलाकर बालों में लगायें ,यह शैम्पू का काम करता है साथ ही बालों को झड़ने से भी रोकता है.
4) 🤗दही में बेसन, चन्दन पाउडर और थोडा सा हल्दी मिलकर उबटन चेहरे और शरीर पर लगायें ,सूखने पर छुड़ा लें. आप की त्वचा पर बेहतरीन चमक,निखार और स्निग्धता आएगी.
5) 🤷🏻♀अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो दही -शहद मिलाकर चेहरे पर लगायें, यह उपाय चेहरे के अतिरिक्त तैलीय तत्व को दूर करता है .
6) 💆🏻♀चेहरे पर होने वाले दानो और मुहांसों के उपचार के लिए खट्टी दही का लेप चेहरे पर लगायें सूखने पर धोएं, फायदा होगा
7) ✅आयुर्वेद के अनुसार गाय के दूध से बनने वाला दही बलवर्धक, शीतल, पौष्टिक, पाचक और कफनाशक होता है.
*😎 भैंस के दूध से बनने वाला दही रक्त, पित्त, बल-वीर्यवर्धक, स्निग्ध, कफकारक और भारी होता है.*
9) ✅मख्खन निकाला हुआ दही शीतल, हल्का, भूख बढानेवाला, वातकारक और दस्त रोकने वाला होता है.
10) ✅दही में कैल्सियम सबसे ज्यादा होता है जोकि हड्डी ,दांत ,नाखून आदि का विकास और संरक्षण करता है.
11)✅ दही में कैल्सियम के अतिरिक्त विटामिन A, B6, B12 ,प्रोटीन, राइबोफ्लेविन पोषक तत्त्व पाए जाते हैं.
*12)✅ दही शरीर में श्वेत-रक्त कणिकाओं (White Blood Corpuscles) की संख्या बढाता है जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता का तेजी से विकास होता है.*
13)✅ एंटीबायोटिक दवाइयों के सेवन के दुष्प्रभाव से बचने के लिए दही सेवन की सलाह डाक्टर भी देते हैं.
14)✅ दही पेट के लिए अमृत समान माना गया है , दही आंतों और पेट की गर्मी दूर करता है और पाचन तंत्र को सबल बनाता है.
15)✅ ह्रदय रोग ,हाई ब्लड प्रेशर ,गुर्दे की बिमारियों में दही का प्रयोग अच्छा माना गया है
*16)✅ बवासीर के उपचार के लिए छाछ में अजवायन मिला कर पिए ,लाभ होगा.सर्दी, खांसी और अस्थमा के रोगियों को दही के सेवन से बचना चाहिए.*
*17)✅ दही के ऊपर का पानी भी फायदेमंद माना जाता है, इससे दस्त, कब्ज, पीलिया, दमा के रोगियों को लाभ होता है.*
18) ✅मुह के छालों के उपचार के लिए दिन में 3-4 बार छालों पर दही लगायें.
*19)✅ दही के नुकसानरहित सेवन के लिए दही में काला नमक, सोंठ, पुदीना, जीरा पाउडर मिलाकर खाएं*
20)✅ बहुत से लोगों को दूध आसानी से नहीं पचता है, वो लोग दही सेवन से दूध के सभी पोषक तत्वों को प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि दही सुपाच्य होता है.
21) ✅दही हमेशा ताज़ा ही खाना चाहिए. दही के सेवन से नींद भी बढ़िया आती है.
*22)✅दही से बहुत से बेहतरीन भोज्य पदार्थ बनते है जैसे लस्सी, छाछ, रायता आदि. दही से बहुत तरह के रायता बनाये जा सकते है जैसे ककड़ी, प्याज-खीरा-टमाटर का रायता, बूंदी का रायता, अनानास का रायता आदि. इनका सेवन गर्मियों में लू और डीहाईड्रेशन से बचाता है*
23) ✅जिन लोगों को पेट की परेशानियां जैसे- अपच, कब्ज, गैस बीमारियां घेरे रहती हैं, उनके लिए दही या उससे बनी लस्सी, मट्ठा, छाछ का उपयोग करने से आंतों की गरमी दूर हो जाती है। डाइजेशन अच्छी तरह से होने लगता है और भूख खुलकर लगती है।
24)✅हड्डियों के लिए –दही में calcium की अच्छी मात्रा होती है , जो के हमारे शरीर के हड्डियों के लिए फायदेमंद होता है | बच्चों को खास कर दही खिलाना चाहिए |
25)✅हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों को रोजाना दही का सेवन करना चाहिए.
दही में नमक डाल कर न खाऐं
कभी भी आप दही को नमक के साथ मत खाईये. दही को अगर खाना ही है, तो हमेशा दही को मीठी चीज़ों के साथ खाना चाहिए, जैसे कि चीनी के साथ, गुड के साथ, बूरे के साथ आदि.
इस क्रिया को और बेहतर से समझने के लिए आपको बाज़ार जाकर किसी भी साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट की दूकान पर जाना है, और वहां से आपको एक लेंस खरीदना है. अब अगर आप दही में इस लेंस से देखेंगे तो आपको छोटे-छोटे हजारों बैक्टीरिया नज़र आएंगे. ये बैक्टीरिया जीवित अवस्था में आपको इधर-उधर चलते फिरते नजर आएंगे. ये बैक्टीरिया जीवित अवस्था में ही हमारे शरीर में जाने चाहिए, क्योंकि जब हम दही खाते हैं तो हमारे अंदर एंजाइम प्रोसेस अच्छे से चलता है.
*हम दही केवल बैक्टीरिया के लिए खाते हैं.* दही को आयुर्वेद की भाषा में जीवाणुओं का घर माना जाता है. अगर एक कप दही में आप जीवाणुओं की गिनती करेंगे तो करोड़ों जीवाणु नजर आएंगे. अगर आप मीठा दही खायेंगे तो ये बैक्टीरिया आपके लिए काफ़ी फायेदेमंद साबित होंगे. *वहीं अगर आप दही में एक चुटकी नमक भी मिला लें तो एक मिनट में सारे बैक्टीरिया मर जायेंगे* और उनकी लाश ही हमारे अंदर जाएगी जो कि किसी काम नहीं आएगी. अगर आप 100 किलो दही में एक चुटकी नामक डालेंगे तो दही के सारे बैक्टीरियल गुण खत्म हो जायेंगे. क्योंकि नमक में जो केमिकल्स है वह जीवाणुओं के दुश्मन है.
आयुर्वेद में कहा गया है कि दही में ऐसी चीज़ मिलाएं, जो कि जीवाणुओं को बढाये ना कि उन्हें मारे या खत्म करे | दही को गुड़ के साथ खाईये. गुड़ डालते ही जीवाणुओं की संख्या मल्टीप्लाई हो जाती है और वह एक करोड़ से दो करोड़ हो जाते हैं. थोड़ी देर गुड मिला कर रख दीजिए. बूरा डालकर भी दही में जीवाणुओं की ग्रोथ कई गुना ज्यादा हो जाती है. मिश्री को अगर दही में डाला जाये तो ये सोने पर सुहागे का काम करेगी. योगराज कृष्ण भी दही को मिश्री के साथ ही खाते थे. पुराने समय के लोग अक्सर दही में गुड़ डाल कर दिया करते थे.कुछ जानकारी जिसका ज्ञान सबको होना चाहिए.
Tuesday, 23 January 2018
चाय के दुष्प्रभाव
दो सौ वर्ष पहले तक भारतीय घरो में चाय नहीं होती थी। आज कोई भी घर आये अतिथि को पहले चाय पूछता है। ये बदलाव अंग्रेजों की देन है। कई लोग ऑफिस में दिन भर चाय लेते रहते है., यहाँ तक की उपवास में भी चाय लेते है । किसी भी डॉक्टर के पास जायेंगे तो वो शराब - सिगरेट - तम्बाखू छोड़ने को कहेगा , पर चाय नहीं, क्योंकि यह उसे पढ़ाया नहीं गया और वह भी खुद इसका गुलाम है. परन्तु किसी अच्छे वैद्य के पास जाओगे तो वह पहले सलाह देगा चाय ना पियें। चाय की हरी पत्ती पानी में उबाल कर पीने में कोई बुराई नहीं परन्तु जहां यह फर्मेंट हो कर काली हुई, सारी बुराइयां उसमे आ जाती है। आइये जानते है कैसे?
हमारे गर्म देश में चाय और गर्मी बढ़ाती है, पित्त बढ़ाती है। चाय के सेवन करने से शरीर में उपलब्ध विटामिन्स नष्ट होते हैं। इसके सेवन से स्मरण शक्ति में दुर्बलता आती है। - चाय का सेवन लिवर पर बुरा प्रभाव डालता है।
१. चाय का सेवन रक्त आदि की वास्तविक उष्मा को नष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
२. दूध से बनी चाय का सेवन आमाशय पर बुरा प्रभाव डालता है और पाचन क्रिया को क्षति पहुंचाता है।
३. चाय में उपलब्ध कैफीन हृदय पर बुरा प्रभाव डालती है, अत: चाय का अधिक सेवन प्राय: हृदय के रोग को उत्पन्न करने में सहायक होता है।
४. चाय में कैफीन तत्व छ: प्रतिशत मात्रा में होता है जो रक्त को दूषित करने के साथ शरीर के अवयवों को कमजोर भी करता है।
५. चाय पीने से खून गन्दा हो जाता है और चेहरे पर लाल फुंसियां निकल आती है।
६. जो लोग चाय बहुत पीते है उनकी आंतें जवाब दे जाती है। कब्ज घर कर जाती है और मल निष्कासन में कठिनाई आती है।
७. चाय पीने से कैंसर तक होने की संभावना भी रहती है।
८. चाय से स्नायविक गड़बडियां होती हैं, कमजोरी और पेट में गैस भी।
९. चाय पीने से अनिद्रा की शिकायत भी बढ़ती जाती है।
१०. चाय से न्यूरोलाजिकल गड़बड़ियां आ जाती है।
११. चाय में उपलब्ध यूरिक एसिड से मूत्राशय या मूत्र नलिकायें निर्बल हो जाती हैं, जिसके परिणाम स्वरूप चाय का सेवन करने वाले व्यक्ति को बार-बार मूत्र आने की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
१२. इससे दांत खराब होते है. - रेलवे स्टेशनों या टी स्टालों पर बिकने वाली चाय का सेवन यदि न करें तो बेहतर होगा क्योंकि ये बरतन को साफ किये बिना कई बार इसी में चाय बनाते रहते हैं जिस कारण कई बार चाय विषैली हो जाती है। चाय को कभी भी दोबारा गर्म करके न पिएं तो बेहतर होगा।
१३. बाज़ार की चाय अक्सर अल्युमीनियम के भगोने में खदका कर बनाई जाती है। चाय के अलावा यह अल्युमीनियम भी घुल कर पेट की प्रणाली को बार्बाद करने में कम भूमिका नहीं निभाता है।
१४. कई बार हम लोग बची हुई चाय को थरमस में डालकर रख देते हैं इसलिए भूलकर भी ज्यादा देर तक थरमस में रखी चाय का सेवन न करें। जितना हो सके चायपत्ती को कम उबालें तथा एक बार चाय बन जाने पर इस्तेमाल की गई चायपत्ती को फेंक दें।
१५. शरीर में आयरन अवशोषित ना हो पाने से एनीमिया हो जाता है। इसमें मौजूद कैफीन लत लगा देता है। लत हमेशा बुरी ही होती है ।
१६. ज़्यादा चाय पिने से खुश्की आ जाती है.आंतों के स्नायु भी कठोर बन जाते हैं।
१७. चाय के हर कप के साथ एक या अधिक चम्मच शकर ली जाती है जो वजन बढाती है।
१८. अक्सर लोग चाय के साथ नमकीन , खारे बिस्कुट ,पकौड़ी आदि लेते है. यह विरुद्ध आहार है. इससे त्वचा रोग होते है.।
१९. चाय से भूख मर जाती है, दिमाग सूखने लगता है, गुदा और वीर्याशय ढीले पड़ जाते हैं। डायबिटीज़ जैसे रोग होते हैं। दिमाग सूखने से उड़ जाने वाली नींद के कारण आभासित
कृत्रिम स्फूर्ति को स्फूर्ति मान लेना, यह बड़ी गलती है।
२०. चाय-कॉफी के विनाशकारी व्यसन में फँसे हुए लोग स्फूर्ति का बहाना बनाकर हारे हुए जुआरी की तरह व्यसन में अधिकाधिक गहरे डूबते जाते हैं। वे लोग शरीर, मन, दिमाग और पसीने की कमाई को व्यर्थ गँवा देते हैं और भयंकर व्याधियों के शिकार बन जाते हैं।
*चाय का विकल्प*
पहले तो संकल्प कर लें की चाय नहीं पियेंगे. दो दिन से एक हफ्ते तक याद आएगी ; फिर सोचोगे अच्छा हुआ छोड़ दी.एक दो दिन सिर दर्द हो सकता है.
सुबह ताजगी के लिए गर्म पानी ले. चाहे तो उसमे आंवले के टुकड़े मिला दे. थोड़ा एलोवेरा मिला दे.
सुबह गर्म पानी में शहद निम्बू डाल के पी सकते है. गर्म पानी में तरह तरह की पत्तियाँ या फूलों की पंखुड़ियां डालकर पी सकते है. जापान में लोग ऐसी ही चाय पीते है और स्वस्थ और दीर्घायु होते है.
कभी पानी में मधुमालती की पंखुड़ियां , कभी मोगरे की , कभी जासवंद , कभी पारिजात आदि डाल कर पियें.
गर्म पानी में लेमन ग्रास, तेजपत्ता,पारिजात, आदि के पत्ते या अर्जुन की छाल या इलायची , दालचीनी इनमे से एक कुछ डाल कर पियें ।
Sunday, 21 January 2018
अदरक का पानी
शरीर की 100 बड़ी बड़ी बीमारियों की एक दवा अदरक का पानी
अदरक का पानी पीने से ये होते है फायदे, जानकर हैरान रह जाएंगे आप अगर रहना चाहते हो बीमारियों से दूर तो अपनाये इस ड्रिंक को---
- आज हम आपके लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी लाये है आपकी बीमारियों को. ड्रिंक को ।आज जिसे देखो हर कोई किसी न किसी बीमारी से पीड़ित है हर कोई कोई न कोई दवाई जरूर खा रहा है क्योकि आजकल का खानपान व जीवनशैली ऐसी है ।ऐसे में क्या करे किसी को कुछ भी समझ नहीं आता है ।तो आज हम आपको हेल्थी बनाये रखने के लिए एक ऐसा ड्रिंक लाये है जो आपको आपकी बीमारियों से छुटकारा दिलाने में मदद करेगा ।और आप इसके फायदे जानकर हैरान रह जाओगे ।
आज हम आपको अदरक से बने ड्रिंक को पीने के फायदे बताएँगे ।
- अदरक हर घर में प्रयोग किये जाना वाला मसाला है ।अदरक में कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते है ।इसमें एंटी फंगल ,एंटी बैक्टीरियल ,जलनरोधी ,एंटी वायरल और एंटी इफ्लेमेंटरी गुण पाए जाते है।|जो हमारे शरीर को हेअल्थी बनाये रखने के लिए जरुरी है ।वैसे तो हम अदरक का प्रयोग कई रूपों में करते है जैसे अदरक को कूटकर ,सुखाकर अदरक की चाय बनाकर आदि कई रूपों में मगर आज हम आपको अदरक के पानी से आपको हेल्थी बनाये रखने के फायदे लाये है ।*
जी हां पहले हम आपको अदरक का पानी बनाना बताएँगे फिर इसके सेवन की विधि और बाद में इसके फायदे बताएँगे-------
इसके लिए आपको दो ही सामान की जरुरत है
*एक गिलास साफ़ पानी*
*अदरक का एक छोटा सा टुकड़ा जैसे 20 ग्राम अदरक*
*एक चम्मच पुराना गुड़
विधि*
अब आप एक बर्तन में पानी व अदरक को थोड़ा कूटकर डाले ।और इसे दस से पंद्रह मिनट तक उबालिये जब पानी आधा रह जाये तो इसे गैस से उतार लीजिये |और थोड़ा गुनगुना होने पर इसमे एक चम्मच शद्ध पुराना गुड मिला दे ।अब आपका ड्रिंक तैयार हो गया है ।अब इसके सेवन की विधि आपने इस ड्रिंक का प्रयोग रात में खाना खाने के एक घंटे बाद सेवन करना है इसके बाद कुछ नहीं खाना है।
अब हम आपको इस ड्रिंक के फायदे बताते है--
*वजन को घटने में- अदरक का पानी पीने से शरीर के मेटाबॉलिज्म को सही रखता है |जिससे बॉडी का फैट बर्न हो जाता है |जिससे हमारा वजन कम होता है |
*मधुमेह रोगियों के लिए- अदरक के पानी के प्रयोग से शरीर में शुगर लेवल कण्ट्रोल हो जाता है |जिससे डॉयबिटीज रोगियों को बहुत ही फायदा मिलता है ।
* सिरदर्द में फायदा- अदरक का पानी पीने से सिरदर्द नहीं होता है ।इससे ब्रेन सेल्स शांत रहते है जिससे सिरदर्द नहीं होता है ।और इससे माइग्रेन तक भी ठीक हो जाता है ।
*इम्मयून पावर को बढ़ाता है- अदरक के पानी का सेवन करने से शरीर में इम्युनिटी पावर बढ़ती है जिससे हमें कई रोगो से लड़ने की ताक़त मिलती है ।और जिससे हमें सर्दी जुकाम जैसी बीमारियों और वायरल इन्फेक्शन से भी बचाव होता है ।
*अदरक का पानी पीने से बॉडी डेटॉक्स होती है इससे शरीर के सारे विषैले तत्व बाहर निकल जाते है ।और जिससे हमारा खून साफ़ हो जाता है और हमारे फेस पर पिम्पल्स जैसी समस्याएं भी नहीं होती है ।
*अदरक का पानी पीने से श्वास सम्बन्धी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है ।इससे अस्थमा और बलगम की परेशानी दूर हो जाती है ।क्योकि इसमें एंटी बक्टेरिल गुण पाए जाते है ।
*अदरक का पानी पीने से मासपेशियो के दर्दो से मुक्ति मिल जाती है |इससे जोड़ो में सूजन भी नहीं रहती है ।क्योकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा जयादा होती है जिससे बॉडी में खून का प्रवाह सही रूप से होता है ।
*अदरक का पानी पीने से हमारा पाचन तंत्र सही रूप से कार्य करता है ।इसे पीने से हमारा खाना आसानी से हजम हो जाता है ।और जिससे पेट में एसिडिटी जैसी समस्याएं भी नहीं रहती है ।
*अदरक का पानी पीने से कैंसर जैसी बीमारी की भी रोकथाम करता है।|इससे कैंसर सेल्स पनप नहीं पाते है। क्योकि इसमें एंटी कैंसर गुण पाए जाते है और इससे ब्रैस्ट कैंसर पैदा करने वाले सेल्स को बढ़ने से रोकता है ।
*अदरक का पानी पीने से हमारे शरीर का खून पतला होता है जिससे हमें ब्लड प्रेशर की शिकायत भी नहीं रहती है |
*अदरक का पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है जिससे शरीर में खून के थक्के नहीं जमते है और खून का प्रवाह सही रहता है जिससे हार्ट अटैक जैसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है ।
*अदरक का पानी पीने से हमारे बाल भी काले व घने बनते है ।अगर आप अदरक का जूस निकालकर बालो की जड़ो में लगाए तो इससे बालो की समस्याएं ख़तम हो जाएगी |परन्तु आपने यहाँ एक बात धयान रखनी है आपने अदरक के जूस में पानी नहीं मिलाना है तभी इसका बालो में प्रयोग करना है ।
*देखा दोस्तों कैसे अदरक का पानी हमारे शरीर को कितनी बीमारियों से दूर करता है।लेकिन आपको इस पानी का बहुत जयादा गर्मी में प्रयोग नही करना हैं।
- आज हम आपके लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी लाये है आपकी बीमारियों को. ड्रिंक को ।आज जिसे देखो हर कोई किसी न किसी बीमारी से पीड़ित है हर कोई कोई न कोई दवाई जरूर खा रहा है क्योकि आजकल का खानपान व जीवनशैली ऐसी है ।ऐसे में क्या करे किसी को कुछ भी समझ नहीं आता है ।तो आज हम आपको हेल्थी बनाये रखने के लिए एक ऐसा ड्रिंक लाये है जो आपको आपकी बीमारियों से छुटकारा दिलाने में मदद करेगा ।और आप इसके फायदे जानकर हैरान रह जाओगे ।
- अदरक हर घर में प्रयोग किये जाना वाला मसाला है ।अदरक में कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते है ।इसमें एंटी फंगल ,एंटी बैक्टीरियल ,जलनरोधी ,एंटी वायरल और एंटी इफ्लेमेंटरी गुण पाए जाते है।|जो हमारे शरीर को हेअल्थी बनाये रखने के लिए जरुरी है ।वैसे तो हम अदरक का प्रयोग कई रूपों में करते है जैसे अदरक को कूटकर ,सुखाकर अदरक की चाय बनाकर आदि कई रूपों में मगर आज हम आपको अदरक के पानी से आपको हेल्थी बनाये रखने के फायदे लाये है ।*
Thursday, 11 January 2018
कमाल का करेला
करेला ना केवल खाने के काम आता है बल्कि आप उससे कई सारी खुद की समस्याएं भी सुलझा सकती हैं।
करेले के रस को बालों में लगाने से वह चमकदार बनते हैं, उनका टूटना कम हो जाता है, रूसी गायब होती है और ऐसी ही कई तमाम समस्याएं हल हो जाती हैं।
शाइन लाने के लिये ताजे करेले के रस में दही मिलाइये और बालों में लगाइये। इससे आपके बालों में अच्छी शाइन आएगी।
दो मुंहे बालों के लिये कच्चे करेले के रस को सिर में डाल कर हल्के हाथों से कंघी करें। ऐसा हफते में दो बार करें।
रूसी भगाने के लिये यदि आप करेले और जीरे को पीस कर पेस्ट बना कर बलों में लगाएं तो आप महीने भर में रूसी से छुटकारा पा सकेंगी।
खुजलीदार खोपड़ी के लिये करेले के रस के साथ या तो एवाकाडो मिलाइये या फिर केले का टुकड़ा। इसे हेयर पैक बना कर खुजलीदार खोपड़ी पर लगाइये।
रूखे बालों के लिये अगर बाल उलझ गए हैं तो उन पर 1 कप करेले का रस सिर पर करीबन 15 मिनट तक लगाए रखने के बाद सिर धो लें। इससे बाल बिल्कुल मुलायम बन जाएंगे।
सफेद बालों के लिये अगर बाल असमय ही सफेद हो रहे हैं तो करेले का गाढा रस निकालें और उसे बालों पर लगाएं। ऐसा पूरे 10 दिनों तक करें और लाभ पाएं।
बाल झड़ने के लिये हेयर फॉल को सही करने के लिये करेले के रस में 1 चम्मच चीनी मिलाइये और इस पेस्ट को बालों पर लगाइये। इससे प्राकृतिक रूप से बाल झड़ना बंद हो जाएंगे।
मेंहदी का विभिन्न रोगों में उपयोग
मेंहदी का विभिन्न रोगों में उपयोग
- लगभग ४.५ ग्राम मेंहदी के फूलों को पानी में पीसकर कपड़े से छान लें,इसमें ७ ग्राम शहद मिलाकर कुछ दिन पीने से गर्मी से उत्पन्न सिरदर्द शीघ्र ही ठीक हो जाता है |
- मेंहदी में दही और आंवला चूर्ण मिलाकर २- ३ घंटे बालों में लगाने से बाल घने,मुलायम,काले और लम्बे होते हैं |
- दस ग्राम मेंहदी के पत्तों को २०० मिली पानी में भिगोकर रख दें,थोड़ी देर बाद छानकर इस पानी से गरारे करने से मुँह के छाले शीघ्र शांत हो जाते हैं |
- मेंहदी के बीजों को बारीक पीसकर,घी मिलाकर ५०० मिग्रा की गोलियां बना लें | इन गोलियों को सुबह-शाम पानी के साथ सेवन करने से खुनी दस्तों में लाभ होता है
- लगभग ५ ग्राम मेंहदी के पत्ते लेकर रात को मिटटी के बर्तन में भिगो दें और प्रातःकाल इन पत्तियों को मसलकर तथा छानकर रोगी को पिला दें | एक सप्ताह के सेवन से पुराने पीलिया रोग में अत्यंत लाभ होता है |
- मेंहदी और एरंड के पत्तों को समभाग पीसकर थोड़ा गर्म करे घुटनों पर लेप करने से घुटनों की पीड़ा में लाभ होता है |
- अग्नि से जले हुए स्थान पर मेंहदी की छाल या पत्तों को पीसकर गाढ़ा लेप करने से लाभ होता है |
