Tuesday, 14 November 2017

Gomukhasana benefits

गोमुखासन (Gomukhasana)
गोमुखासन योग के लाभ और विधि

Gomukhasana benefits :_
👉इस आसन के करने से इससे हाथ-पैर की मांसपेशियां चुस्त और मजबूत बनती है।
👉लैंगिक विकारों को दूर करने में यह आसन बहुत ही कारगर सिद्ध होता है।
👉कंधे और गर्दन की अकड़न या कड़ेपन को दूरकर कमर, पीठ दर्द आदि में भी लाभदायक है।
👉इस आसन के करने से तनाव की समस्या दूर होती है और मन शांत होता है।
👉इसके अलावा यह छाती को पुष्ट बनाता है और फेफड़ों की शक्ति को बढ़ाता है जिससे श्वास संबंधी रोग में लाभ मिलता है।
👉वैसे आपको बता दें कि गोमुखासन कई बड़े रोगों को दूर करने में भी लाभदायक है। जैसे; गठीया, कब्ज, यकृत, गुर्दे, धातु रोग, बहुमूत्र, मधुमेह एवं स्त्री रोगों में यह बहुत ही लाभदायक सिद्ध होता है।

👉गोमुखासन योग में सावधानी_
जिन लोगों को हाथ, पैर और रीढ़ की हड्डी में कोई गंभीर समस्या है या कोई रोग है तो उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए। अभ्यास करते समय धीरे-धीरे आगे बढ़ें और अगर पीठ के पीछे हाथ बंध नहीं रहे तो जबरदस्ती न करें। इसके अलावा इस आसन को करते समय योग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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Samyak Yog Pariwar Surat Gujarat
Director .. Bharat Aacharya
www.samyakyogp.blogspot.com
www.samyakyogahs.com

Sunday, 12 November 2017

Benefits of Meditation

*ध्यान के लाभ | Benefits of Meditation

*ध्यान क्या है? |What is meditation?*

ध्यान एक विश्राम है| ध्यान एकाग्रता के बारे मे नही है, वास्तविकता में यह एकाग्रता से विमुख होने की प्रक्रिया है| यह किसी वस्तु पर अपने विचारों का केन्द्रीकरण नहीं है अपितु यह विचार रहित होने की प्रक्रिया है|

*ध्यान के ५ लाभ {5 benefits of meditation
1 शांत चित्त 2 अच्छी एकाग्रता, 3 बेहतर स्पष्टता, 4 बेहतर संवाद,5 मस्तिस्क एवं शरीर का कायाकल्प व विश्राम

*ध्यान के स्वास्थ्य लाभ {Health benefits of meditation*
ध्यान के कारण शरीर की आतंरिक क्रियाओं में विशेष परिवर्तन होते हैं
शरीर की प्रत्येक कोशिका प्राणतत्व (ऊर्जा) से भर जाती है|
शरीर में प्राणतत्व के बढ़ने से प्रसन्नता, शांति और उत्साह का संचार भी बढ़ जाता है|

*ध्यान से शारीरिक स्तर पर होने वाले लाभ*
   उच्च रक्तचाप का कम होना, रक्त में लैक्टेट का कम होना, उद्वेग/व्याकुलता का कम होना|
तनाव से सम्बंधित शरीर में कम दर्द होता है| तनाव जनित सिरदर्द, घाव, अनिद्रा, मांशपेशियों एवं जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है |
भावदशा व व्यवहार बेहतर करने वाले सेरोटोनिन हार्मोन का अधिक उत्पादन होता है|प्रतिरक्षा तंत्र में सुधार आता है|
ऊर्जा के आतंरिक स्रोत में उन्नति के कारण ऊर्जा-स्तर में वृद्धि होती है|

*ध्यान के मानसिक लाभ {Mental Benefits of Meditation*
1 ध्यान, मस्तिस्क की तरंगों के स्वरुप को अल्फा स्तर पर ले आता है जिससे चिकित्सा की गति बढ़ जाती है|
2 मस्तिस्क पहले से अधिक सुन्दर, नवीन और कोमल हो जाता है|
3 ध्यान मस्तिस्क के आतंरिक रूप को स्वच्छ व पोषण प्रदान करता है|
4 जब भी आप व्यग्र, अस्थिर और भावनात्मक रूप से परेशान होते हैं तब ध्यान आपको शांत करता है|

ध्यान के सतत अभ्यास से होने वाले लाभ निम्नलिखित हैं:
◆व्याग्रता का कम होना
◆भावनात्मक स्थिरता में सुधार|
◆रचनात्मकता में वृद्धिप्रसन्नता में संवृद्धि
◆सहज बोध का विकसित होना
◆मानसिक शांति एवं स्पष्टता
◆परेशानियों का छोटा होना
◆ध्यान मस्तिस्क को केन्द्रित करते हुए कुशाग्र ◆बनाता है तथा विश्राम प्रदान करते हुए विस्तारित करता है|
◆बिना विस्तारित हुए एक कुशाग्र बुद्धि क्रोध, तनाव व निराशा का कारण बनती है|
◆एक विस्तरित चेतना बिना कुशाग्रता के अकर्मण्य/अविकसित अवस्था की ओर बढ़तीहै|
◆कुशाग्र बुद्धि व विस्तारित चेतना का समन्वय पूर्णता लाता है|
◆ध्यान आपको जागृत करता है कि आपकी आतंरिक मनोवृत्ति ही प्रसन्नता का निर्धारण करती है|

*ध्यान के आध्यात्मिक लाभ 【Spiritual benefits of meditation*
  ●ध्यान का कोई धर्म नहीं है और किसी भी विचारधारा को मानने वाले इसका अभ्यास कर सकते हैं|
●मैं कुछ हूँ इस भाव को अनंत में प्रयास रहित तरीके से समाहित कर देना और स्वयं को अनंत ब्रह्मांड का अविभाज्य पात्र समझना|
●ध्यान की अवस्था में आप प्रसन्नता, शांति व अनंत के विस्तार में होते हैं और यही गुण पर्यावरण को प्रदान करते हैं, इस प्रकार आप सृष्टि से सामंजस्य में स्थापित हो जाते हैं|
●ध्यान आप में सत्यतापूर्वक वैयक्तिक परिवर्तन ला सकता है|
●क्रमशः आप अपने बारे में जितना ज्यादा जानते जायेंगे, प्राकृतिक रूप से आप स्वयं को ज्यादा खोज पाएंगे|

(ध्यान के लाभ कैसे प्राप्त करें |How to experience meditation benefits*
◆ध्यान के लाभों को महसूस करने के लिए नियमित अभ्यास आवश्यक है|
◆प्रतिदिन यह कुछ ही समय लेता है| प्रतिदिन की दिनचर्या में एक बार आत्मसात कर लेने पर ध्यान दिन का सर्वश्रेष्ठ अंश बन जाता है|
◆ ध्यान एक बीज की तरह है| जब आप बीज को प्यार से विकसित करते हैं तो वह उतना ही खिलता जाता है.
◆प्रतिदिन, सभी क्षेत्रों के व्यस्त व्यक्ति आभार पूर्वक अपने कार्यों को रोकते हैं और ध्यान के ताज़गी भरे क्षणों का आनंद लेते हैं| अपनी अनंत गहराइयों में जाएँ और जीवन को समृद्ध बनाएं|

*छात्रों हेतु ध्यान के 4 लाभ |4Benefits of meditation for students*
1 आत्मविश्वास में वृद्धि
2 अधिक केन्द्रित व स्पष्ट मनबेहतर
3 स्वास्थ्य बेहतर
4 मानसिक शक्ति व ऊर्जा को अधिक गतिशील बनाता है।

हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले आहार

भोजन में अनेक पोषक तत्व होते हैं जो शरीर का विकास करते हैं, उसे स्वस्थ रखते हैं और शक्ति प्रदान करते हैं। हमें अपने आहार में हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले फल एवं सब्जियों को शामिल करना चाहिए। हीमोग्लोबिन को बढ़ाने के लिए संतुलित आहार, व्यायाम, भोजन में हरी सब्जियां, दालें, अनार आदि फल लेना चाहिए।

हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले आहार के स्रोत:

अमरूद- जितना ज्यादा पका हुआ होगा, उतना ही पौष्टिक होगा। पके अमरूद को खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी नहीं होती। इसलिए महिलाओं के लिए यह और भी लाभदायक हो जाता है।

आम- आम खाने से हमारे शरीर में रक्त अधिक मात्रा में बनता है, एनीमिया में यह लाभकारी होता है।

सेब- सेब एनीमिया जैसी बीमारी में लाभकारी होता है। सेब खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन बनता है।

अंगूर- अंगूर में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। जो शरीर में हीमोग्लोबिन बनाता है, और हीमोग्लोबिन की कमी संबंधी बीमारियों को ठीक करने में सहायक होता है।

चुकन्दर- चुकन्दर से प्राप्त उच्च गुणवत्ता का लोह तत्व रक्त में हीमोग्लोबिन का निर्माण व लाल रक्तकणों की सक्रियता के लिए बेहद प्रभावशाली है। खून की कमी यानी एनीमिया की शिकार महिलाओं के लिए चुकंदर रामबाण के समान है। चुकन्दर के अलावा चुकन्दर की हरी पत्तियों का सेवन भी बेहद लाभदायी है। इन पत्तियों में तीन गुना लौह तत्व अधिक होता है।

तुलसी- तुलसी रक्त की कमी को कम करने के लिए रामबाण है। तुलसी के नियमित सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है।

सब्जियां- शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए। हरी सब्जियों में हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले तत्व ज्यादा मात्रा में पाये जाते है।

तिल- तिल हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाता है। तिल खाने से रक्ताअल्पता की बीमारी ठीक होती है।

पालक- सूखे पालक में आयरन काफी मात्रा होती है। जो शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को ठीक करता है।

नारियल- नारियल शरीर में उत्तकों, मांसपेशियों और रक्त जैसे महत्वपूर्ण द्रव्यों का निर्माण करता है, यह संक्रमण का सामना करने के लिए इन्जाइम और रोग प्रतिकारक तत्वों के विकास में सहायक होता है।

गुड़- गुड़ में अधिक खनिज लवण होते है। जो हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है।

Thursday, 9 November 2017

रसोई में स्वास्थ्य


                *रसोई में स्वास्थ्य !*

🍌 नमक केवल सेन्धा प्रयोग करें। थायराइड, बी पी, पेट ठीक होगा।

🍎 कुकर स्टील का ही काम में लें। एल्युमिनियम में मिले lead से होने वाले नुकसानों से बचेंगे।
🌽 तेल कोई भी रिफाइंड न खाकर, केवल तिल्ली, सरसों, मूंगफली, नारियल प्रयोग करें। रिफाइंड में बहुत केमिकल होते हैं।
🍒 सोयाबीन बड़ी को 2 घण्टे भिगो कर, मसल कर ज़हरीली झाग निकल कर ही प्रयोग करें।
🥑 रसोई में एग्जास्ट फैन जरूरी है, प्रदूषित हवा बाहर करें।
🍎 काम करते समय स्वयं को अच्छा लगने वाला संगीत चलाएं। खाने में अच्छा प्रभाव आएगा और थकान कम होगी।
🍍 देसी गाय के घी का प्रयोग बढ़ाएं। अनेक रोग दूर होंगे, वजन नहीं बढ़ता।
🍂 ज्यादा से ज्यादा मीठा नीम/कढ़ी पत्ता खाने की चीजों में डालें, सभी का स्वास्थ्य ठीक करेगा।
🌶 ज्यादा चीजें लोहे की कढ़ाई में ही बनाएं। आयरन की कमी किसी को नहीं होगी।
🍌 भोजन का समय निश्चित करें, पेट ठीक रहेगा।
भोजन के बीच बात न करें, भोजन ज्यादा पोषण देगा।
🧀 नाश्ते में अंकुरित अन्न शामिल करें। पोषक विटामिन, फाइबर मिलेंगें।
🍓 सुबह के खाने के साथ ताजा दही लें, पेट ठीक रहेगा।
🥒 चीनी कम से कम प्रयोग करें, ज्यादा उम्र में हड्डियां ठीक रहेंगी।
🥝 चीनी की जगह बिना मसले का गुड़ या देशी शक्कर लें।
🍳 छौंक में राई के साथ कलौंजी का भी प्रयोग करें, फायदे इतने कि लिख ही नहीं सकते।
☕ चाय के समय, आयुर्वेदिक पेय की आदत बनाएं व निरोग रहेंगे।
🛢 डस्ट बिन एक रसोई में एक बाहर रखें, सोने से पहले रसोई का कचरा बाहर के डस्ट बिन में डालें।
🥗 रसोई में घुसते ही नाक में घी या सरसों तेल लगाएं, सर और फेफड़े स्वस्थ रहेंगें।
🥕 करेले, मैथी, मूली याने कड़वी सब्जियां भी खाएँ, रक्त शुद्ध रहेगा।
🍋 पानी मटके वाले से ज्यादा ठंडा न पिएं, पाचन व दांत ठीक रहेंगे।
🍊 रसोई में घुसते ही थोड़े ड्राई फ्रूट (काजू की जगह तरबूज के बीज) खायें, एनर्जी बनी रहेगी।
🍐 प्लास्टिक, एल्युमिनियम रसोई से हटाये, केन्सर कारक हैं।
🍏 माइक्रोवेव ओवन का प्रयोग केन्सर कारक है।
🍉 खाने की ठंडी चीजें कम से कम खाएँ, पेट और दांत को खराब करती हैं।
🍇 बाहर का खाना बहुत हानिकारक है, खाने से सम्बंधित ग्रुप से जुड़कर सब घर पर ही बनाएं।
🍑 तली चीजें छोड़ें, वजन, पेट, एसिडिटी ठीक रहेंगी।
🥕 मैदा, बेसन, छौले, राजमां, उड़द कम खाएँ, गैस की समस्या से बचेंगे।
🥒 अदरक, अजवायन का प्रयोग बढ़ाएं, गैस और शरीर के दर्द कम होंगे।
🧀 बिना कलौंजी वाला अचार हानिकारक होता है।
🍹 पानी का फिल्टर R O वाला नहीं, हानिकारक है।
U V वाला ही प्रयोग करें, सस्ता भी और बढ़िया भी।
🍑  रसोई में ही बहुत से कॉस्मेटिक्स हैं, इस प्रकार के ग्रुप से जानकारी लें।
🍫 रात को आधा चम्मच त्रिफला एक कप पानी में डाल कर रखें, सुबह कपड़े से छान कर eye wash cup में डाल कर आंखें धोएं, चश्मा उतर जाएगा। छान कर जो पाउडर बचे उसे फिर एक गिलास पानी में डाल कर रख दें। रात को पी जाएं। पेट साफ होगा, कोई रोग एक साल में नहीं रहेगा।
🍆.सुबह रसोई में चप्पल न पहनें, शुद्धता भी, एक्यू प्रेशर भी।
🍌 रात का भिगोया आधा चम्मच कच्चा जीरा सुबह खाली पेट चबा कर वही पानी पिएं, एसिडिटी खतम।
🍆 एक्यू प्रेशर वाले पिरामिड प्लेटफार्म पर खड़े होकर खाना बनाने की आदत बना लें तो भी सब बीमारी शरीर से निकल जायेगी।
🍈 चौथाई चम्मच दालचीनी का कुल उपयोग दिन भर में किसी भी रूप में करने पर निरोगता अवश्य होगी।
🍯 रसोई के मसालों से बना चाय मसाला स्वास्थ्यवर्धक है।
🍑 सर्दियों में नाखून बराबर जावित्री कभी चूसने से सर्दी के असर से बचाव होगा।
🌶 सर्दी में बाहर जाते समय, 2 चुटकी अजवायन मुहं में रखकर निकलिए, सर्दी से नुकसान नहीं होगा।
🍩  रस निकले नीबू के चौथाई टुकड़े में जरा सी हल्दी, नमक, फिटकरी रखकर दांत मलने से दांतों का कोई भी रोग नहीं रहेगा।
🌯 कभी कभी नमक में, हल्दी में 2 बून्द सरसों का तेल डाल कर दांतों को उंगली से साफ करें, दांतों का कोई रोग टिक नहीं सकता।
🍑 बुखार में 1 लीटर पानी उबाल कर 250 ml कर लें, साधारण ताप पर आ जाने पर रोगी को थोड़ा थोड़ा दें, दवा का काम करेगा।
🍐 सुबह के खाने के साथ घर का जमाया ताजा दही जरूर शामिल करें, प्रोबायोटिक है।

🥝 सूरज डूबने के बाद दही या दही से बनी कोई चीज न खाएं, ज्यादा उम्र में दमा हो सकता है।
🍛 दहीबड़े सिर्फ मूंग की दाल के बनने चहिये, उड़द के नुकसान करते हैं।

Monday, 18 September 2017

योग के साथ मनोयोग

योग के साथ मनोयोग…. 

योगमय जीवन-अगर आप चाहते हैं कि योग एक तरह से आपके जीवन में अंकित हो जाए, तो इसके लिए अनुशासन और समर्पण की जरूरत होती है।
योग से शरीर के संतुलन को बरकारार रखने में महत्त्व पूर्ण मदद मिलती है। लेकिन इसे करने में शरीर के गलत तरीके से बैठने और लेटने से दर्द में भी निजात मिलता है।
सुबह जल्दी जागकर सूर्य की रोशनी के साथ योग करते है, तो आनन्द की अनुभूति होती है हमारा जीवन खूबसूरती से भर जाता हैं, सूर्य से हमको विटामिन डी मिलता है,
जिससे हमारे शरीर की सभी हड्डियों के लिए काफी लाभदायक है, योग के माध्यम से हम अपनी जिंदगी को एक उच्च शिखर तक पहुँचाते है और बेहतरीन जिंदगी की राह पर चलते है,  
योग से मन मष्तिस्क को अन्तः शांति और हमारे शरीर को स्फूर्ति  पर्याप्त मात्रा में मिलती है, जिससे हमारा शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ रख सकते है, योग  की सहायता लेकर सामान्य स्तर  का व्यक्ति  प्रखर प्रतिभावान और असफलता को सफलता में न केवल बदल सकता है, बल्कि जैसा चाहे वैसा अपने को सवार सकता है, और आस पास रहने वाले को भी प्रेरित कर सकते है योग को हम जीवन का एक अभिन्न अंग मानकर चलते है, तो योग द्वारा शारीरिक और मानसिक विकारों से मुक्ति प्राप्त करके हम एक अच्छा शरीर स्वास्थ्य शरीर, और निरोग जीवन जी सकने में सफल होते है….
अगर हम नियमित रूप से योग करते है तो हमारे शरीर का रक्त संचार बेहतरीन तरीके से होता है जो कि शरीर की त्वचा में निखार लाता  है, ऐसे में हमारे  चेहरे पर झुर्रियों के आलावा ऐसे कई समस्याओं से हमे मात दिलाती है और हम बहोत ही शानदार जीवन यापन करते हुये अपनी जिंदगी को एक मुख्य उद्देश्य की ओर अग्रसित करते है,  हम किसी भी चीज को मनोयोग से करते है तो हम जल्दी सफलता प्राप्त करते है
हमारे ऋषिओं ने अनादिकाल से योग को अपने जीवन में जी करके न शिखर तक पहुँचे है बल्कि पुरे दुनिया का मार्गदर्शन करते रहे है अभी भी हम योग के अनुसार बताये गये मार्ग पर चलकर हम एक उच्च शिखर तक पहुंच सकते है, हम अगर योग को मनोयोग के साथ करते है तब हम वो हो सकते है जो हमे होना चाहिए हम योगमय जीवन जीने वाला एक खूबसूरत व्यक्ति हो सकते है...
......साइंटिस्ट रेवा........

Friday, 15 September 2017

गाय के घी से... स्वास्थ्य ...

गाय के घी से... स्वास्थ्य ...
1.गाय का घी नाक में डालने से पागलपन दूर होता है।
2.गाय का घी नाक में डालने से एलर्जी खत्म हो जाती है।
3.गाय का घी नाक में डालने से लकवा का रोग में भी उपचार होता है।
4.(20-25 ग्राम) घी व मिश्री खिलाने से शराब, भांग व गांझे का नशा कम हो जाता है।
5.गाय का घी नाक में डालने से कान का पर्दा बिना ओपरेशन के ही ठीक हो जाता है।

6.नाक में घी डालने से नाक की खुश्की दूर होती है और दिमाग तरोताजा हो जाताहै।
7.गाय का घी नाक में डालने से कोमा से बाहर निकल कर चेतना वापस लोट आती है।
8.गाय का घी नाक में डालने से बाल झडना समाप्त होकर नए बाल भी आने लगते है।
9.गाय के घी को नाक में डालने से मानसिक शांति मिलती है, याददाश्त तेज होती है।
10.हाथ पाव मे जलन होने पर गाय के घी को तलवो में मालिश करें जलन ठीक होता है।

11.हिचकी के न रुकने पर खाली गाय का आधा चम्मच घी खाए, हिचकी स्वयं रुक जाएगी।
12.गाय के घी का नियमित सेवन करने से एसिडिटी व कब्ज की शिकायत कम हो जाती है।
13.गाय के घी से बल और वीर्य बढ़ता है और शारीरिक व मानसिक ताकत में भी इजाफा होता है
14.गाय के पुराने घी से बच्चों को छाती और पीठ पर मालिश करने से कफ की शिकायत दूर हो जाती है।
15.अगर अधिक कमजोरी लगे, तो एक गिलास दूध में एक चम्मच गाय का घी और मिश्री डालकर पी लें।

16.हथेली और पांव के तलवो में जलन होने पर गाय के घी की मालिश करने से जलन में आराम आयेगा।
17.गाय का घी न सिर्फ कैंसर को पैदा होने से रोकता है और इस बीमारी के फैलने को भी आश्चर्यजनक ढंग से रोकता है।
18.जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक की तकलीफ है और चिकनाइ खाने की मनाही है तो गाय का घी खाएं, हर्दय मज़बूत होता है।
19.देसी गाय के घी में कैंसर से लड़ने की अचूक क्षमता होती है। इसके सेवन से स्तन तथा आंत के खतरनाक कैंसर से बचा जा सकता है।
20.घी, छिलका सहित पिसा हुआ काला चना और पिसी शक्कर (बूरा) तीनों को समान मात्रा में मिलाकर लड्डू बाँध लें। प्रातः खाली पेट एक लड्डू खूब चबा-चबाकर खाते हुए एक गिलास मीठा गुनगुना दूध घूँट-घूँट करके पीने से स्त्रियों के प्रदर रोग में आराम होता है, पुरुषों का शरीर मोटा ताजा यानी सुडौल और बलवान बनता है.

21.फफोलो पर गाय का देसी घी लगाने से आराम मिलता है।
22.गाय के घी की झाती पर मालिस करने से बच्चो के बलगम को बहार निकालने मे सहायक होता है।
23.सांप के काटने पर 100 -150 ग्राम घी पिलायें उपर से जितना गुनगुना पानी पिला सके पिलायें जिससे उलटी और दस्त तो लगेंगे ही लेकिन सांप का विष कम हो जायेगा।
24.दो बूंद देसी गाय का घी नाक में सुबह शाम डालनेसे माइग्रेन दर्द ठीक होता है।
25.सिर दर्द होने पर शरीर में गर्मी लगती हो, तो गाय के घी की पैरों के तलवे पर मालिश करे, सर दर्द ठीक हो जायेगा।

26.यह स्मरण रहे कि गाय के घी के सेवन से कॉलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है। वजन भी नही बढ़ता, बल्कि वजन को संतुलित करता है ।यानी के कमजोर व्यक्ति का वजन बढ़ता है, मोटे व्यक्ति का मोटापा (वजन) कम होता है।
27.एक चम्मच गाय का शुद्ध घी में एक चम्मच बूरा और 1/4 चम्मच पिसी काली मिर्च इन तीनों को मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय चाट कर ऊपर से गर्म मीठा दूध पीने से आँखों की ज्योति बढ़ती है।
28.गाय के घी को ठन्डे जल में फेंट ले और फिर घी को पानी से अलग कर ले यह प्रक्रिया लगभग सौ बार करे और इसमें थोड़ा सा कपूर डालकर मिला दें। इस विधि द्वारा प्राप्त घी एक असर कारक औषधि में परिवर्तित हो जाता है जिसे त्वचा सम्बन्धी हर चर्म रोगों में चमत्कारिक कि तरह से इस्तेमाल कर सकते है। यह सौराइशिस के लिए भी कारगर है।
29.गाय का घी एक अच्छा (LDL) कोलेस्ट्रॉल है। उच्च कोलेस्ट्रॉल के रोगियों को गाय का घी ही खाना चाहिए। यह एक बहुत अच्छा टॉनिक भी है।
30.अगर आप गाय के घी की कुछ बूँदें दिन में तीन बार, नाक में प्रयोग करेंगे तो यह त्रिदोष (वात पित्त और कफ) को संतुलित करता है।

Wednesday, 13 September 2017

पानी में हल्दी मिलाकर पीने से होते है यह 7 फायदें*.....

पानी में हल्दी मिलाकर पीने से होते है यह 7 फायदें*.....

1. गुनगुना हल्दी वाला पानी पीने से दिमाग तेज होता है. सुबह के समय हल्दी का गुनगुना पानी पीने से दिमाग तेज और उर्जावान बनता है.

2. रोज यदि आप हल्दी का पानी पीते हैं तो इससे खून में होने वाली गंदगी साफ होती है और खून जमता भी नहीं है. यह खून साफ करता है और दिल को बीमारियों से भी बचाता है.

3. लीवर की समस्या से परेशान लोगों के लिए हल्दी का पानी किसी औषधि से कम नही है. हल्दी के पानी में टाॅक्सिस लीवर के सेल्स को फिर से ठीक करता है. हल्दी और पानी के मिले हुए गुण लीवर को संक्रमण से भी बचाते हैं.

4. हार्ट की समस्या से परेशान लोगों को हल्दी वाला पानी पीना चाहिए. हल्दी खून को गाढ़ा होने से बचाती है. जिससे हर्ट अटैक की संभावना कम हो जाती है.

5. जब हल्दी के पानी में शहद और नींबू मिलाया जाता है तब यह शरीर के अंदर जमे हुए विषैले पदार्थों को निकाल देता है जिससे पीने से शरीर पर बढ़ती हुई उम्र का असर नहीं पड़ता है. हल्दी में फ्री रेडिकल्स होते हैं जो सेहत और सौर्दय को बढ़ाते हैं.

6. शरीर में किसी भी तरह की सजून हो और वह किसी दवाई से ना ठीक हो रही हो तो आप हल्दी वाला पानी का सेवन करें. हल्दी में करक्यूमिन तत्व होता है जो सूजन और जोड़ों में होने वाले असाहय दर्द को ठीक कर देता है. सूजन की अचूक दवा है हल्दी का पानी.

7. कैंसर खत्म करती है हल्दी. हल्दी कैंसर से लड़ती है और उसे बढ़ने से भी रोक देती है. हल्दी एंटी.कैंसर युक्त होती है. यदि आप सप्ताह में तीन दिन हल्दी वाला पानी पीएगें तो आप भविष्य में कैंसर से हमेशा बचे रहेगें.👏🙏

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